Whatsapp Status Best Line

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नींदें गुमशुदा….ओर वक़्त फरार….

तुम्हारा इंतज़ार….ओर हसरतें बेशुमार…!!!


ख़्याल में भी नही आता हमें
ख़्याल किसी और का,
सिर्फ तेरे ही ख़्याल में
इतने बेख़्याल रहते हैं हम. 🍁🍁


ना जला तु हमें इश्क़ की आग में
हम चिंगारीयो से वास्ता रखते है..!💕
तड़प जाओगे मेरे प्यार में,,
हम इस कदर मोहब्बत करते हैं..!!!💕


इश्क हुआ है तुझसे
बस यही खता है मेरी..
तू मोहब्बत है और
तू ही कमजोरी है मेरी.,


जनवरी की सर्दी, हल्की-हल्की बारिस की बूदें,
तुम्हारा वो गले से लग जाना याद आता हैं…


जहाँ रुक कर मुसाफ़िर को राहत मिले..!!
मेरे सफ़र का वो मुकाम हो तुम….!!!


प्यार के दामन में लिपटे हम कहाँ तक आ गए…
हम नज़र तक चाहते थे,तुम तो दिल पर छा गए…


तेरे साथ कि क्या बात करें…
हम पर तो तेरी बातों का भी नशा होता हैं!!


💞बिन दिल के जज्बात अधूरे,
बिन धड़कन अहसास अधूरे,,💞

💞बिन साँसों के ख्वाब अधूरे,
बिन तेरे हम कब हैं पूरे।💞


रौशन कर दे ..जो… मेरे इश्क़ का जहाँ……!
कोई… तुम सा हमसफ़र …होगा कहाँ…..


मेरे दिल की धड़कन को कभी समझो या ना समझो तुम..!

मैं लिखता हूँ मोहब्बत पे तो जाना इकलौती वज़ह हो तुम..!!


जो कुछ भी मिला हैं उसी मै खुश हुं,
में तेरे लिए खुदा से तकरार नही करता,

पर कुछ तो बात है तेरी फितरत मै,
जालीम वरना तुझे चाहने की खता बार बार नही करता.


रिश्ते में कुछ शिकायतें बनी रहेंगी तो अच्छा है🖤
ज़्यादा चाशनी में डूबे हुए रिश्ते भी खतरनाक होते हैं•~


मेरी हद … बता दो मुझे.
मैं तुम्हें चाहूँ … मगर कितना…


मुझे देखके जब तुम ..

यूँ ठंडी आहें भरते हो
अच्छे लगते हो .. :)!!


कयामत तक करोगे याद,
किसी ने दिल लगाया था..

एक होने की उम्मीद भी ना थी,
फिर भी पागलों की तरह चाहा था..!!!

♥️♥️♥️


जरुरत नहीं फिक्र हो तुम..!!
कर ना पाऊँ कही भी वो जिक्र हो तुम….!


इश्क़ का उम्र से कोई लेना देना नही साहब..!!
ये वो शै है..जितनी पुरानी उतनी नशीली..!!


ये …. जो ,,
खाली खाली सा मेरा मन है ना ,,
तुमसे …. बस तुमसे ही भरा रहता है !!


शाम उतरने लगी है खिड़की पर,
बेसबर आँखों को चाँद का इंतजार है..❤️


रोज बहकते है मेरे कदम तेरे पास आने को,
ना जाने कितने फासले अभी बाकी है मेरे तुमको पाने के..


कभी कहीं पर भी होगा गर मोहब्बत का ज़िक्र….
मैं तेरे बारे में सोचूंगा….और मुस्कुरा दूँगा…:) 💕


अब ना कोई शिकवा, ना गिला, ना कोई मलाल रहा,
सितम तेरे भी बे-हिसाब रहे, सब्र मेरा भी क़माल रहा।


खास तो बहुत है
हम भी उनके !!!!!
मगर …
उनकी फुर्सत के हिसाब से !!!


दो घडी ज़िक्र जो तेरा ना हुआ…
दो घडी हम पे क़यामत गुज़री..


कोई तो ऐसी बात करो कि ,
जिससे लगे की तुम
मेरे हो …..


कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे, तुम मेरे हो,
दुनिया को बता कर क्या करना,

तुम साथ निभाओ चाहत से,
कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
फिर तुमको मना कर क्या करना।


ये सर्दी ये गर्मी आता जाता मौसम हैं..!!
चलो हम तुम एक होकर सदाबहार हो जाएं….!!!!


दिल अपना कुछ यूँ बहला रहे हैं हम!
लिखकर जज़्बात सरेआम बता रहे हैं हम!


सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचुँ…!!
अभी तक इस सोच में हुँ, कि और क्या सोचुँ…!!


जाने किस जुबां में आवाज दे उनको..!!
कि वो बिन बोले मेरी रूह से रूबरू हो….!!!!


एक ठहरा हुआ ख्याल तेरा…..
न जाने कितने लम्हों को रफ्तार देता है…


नजर लगती है
हर खुबसूरत चीज को
काला धागा बांध दे
कोई मेरे इश्क़ को
❤️❤️❤️❤️❤️


अब कोई ख़्वाब नया उतरता ही नहीं दिल में…
बहुत ही सख़्त है पहरा तुम्हारी चाहत का …!!!


तुझसे मिलने की अधूरी ख्वाहिश लिए …
लो बीत गया ये नामुराद दिसंबर भी मेरा …


कोई लफ्ज नहीं फिर भी कलम उठाई है…
तुझे बस इतना बताना है कि तेरी याद आयी है…!!


मोहब्बत की महक न पूछिये, इस महक की वजह न पूछिये..
हर साँस में तुम समाये रहते हो, कहाँ बसे हो तुम जगह न पूछिये..!!


तुम्हारा मिलना महज़ ,,
कोई इतफ़ाक नहीं ,,
उम्र भर की ,,
इबादतों का मुआवजा हो तुम !!


माँग का सिंदूर
रिश्ते का गवाह तो हो सकता हैं ..
परंतु .. प्रेम का नहीं .. !!


ना बदलो पिछले….साल का कैलेंडर,
उसकी तारीखों पर कुछ यादें लिखी है !


जिंदगी जीने के लिए जरूरी क्या है..??
बस.. एक ऐसा शख़्स जो अपने आप से ज्यादा आप का हो 🤗🤗💕💕


तुझे मुफ्त में जो मिल गए है हम,
तू क़दर ना करे
ये तेरा हक़ बनता है”….


कभी मशरूफ लम्हों में , अचानक दिल जो धड़के तुम्हारा,,
समझ लेना मोहब्बत का इशारा है
तुम्हें हमने पुकारा है..!


मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके,
बस एक शायरी का हुनर एक रातों का जागना..!


तेरा साथ मेरी चाहत नही,,,,, इबादत है।
तु मेरी मुहब्बत नही,,,,,आदत है।
पास होकर भी हम जो दूर बैठें हैं।
ये मुकद्दर नही है,,,,,,
उस ख़ुदा की,,,,,,,शरारत है।।


कहने को मेरे कुछ भी नहीं हो तुम,
होने को मेरा सारा जहाँ हो तुम !!


खिल उठता है, रोम रोम मेरा
देखकर ज़िक्र मेरा तेरी शायरी में।


फुर्सत अगर मिले तो समझना मुझे जरूर ,
मैं तुम्हारी उलझनों का मुकम्मल इलाज हूँ…


तुम मेहसूस ही ना करो …अलग बात है..
हवा बनकर तैरे पास ही गुज़रते है हम……


कहते हैं अहसास अल्फाजों के मोहताज नहीं, फिर क्यों.?
हमें तेरे हर लफ़्ज़ का बेसब्री से इन्तजार रहता है…


आती है वो तो आएगी, हर रोज़ की तरह,
तेरी यादों को कहाँ आता है, इतवार समझ में…


कभी यु भी जनवरी में कोई कमाल हो जाए,
ये सुकून-ए-इतवार तुझे भी साथ लेकर आये…!!!


कब तक हिफाज़त कर पाऊँगा
तू मेरे अन्दर रहे तो ही सही है


मैं खुद हैरान हु की तुझसे
इतनी मोहब्बत क्यूं है मुझे,..!!
जब भी प्यार शब्द आता है
चेहरा तेरा ही याद आता है…


एक शख्स से आखिर कितना दूर जाना पड़ता है कि आप असल दुनिया के करीब आ सको ??


अब क्यूँ रहना चाहेगा कोई किसी के दिल में उम्र भर,
सुना है किराये पर दिल मिलने लगें हैं उसके शहर में…!!


लाखों हसीन हैं इस दुनिया में तेरी तरह,
पर क्या करें हमें तो,
तुम्हारे जिस्म से नहीं तुम्हारे रूह से प्यार है।


कुछ दुआ रही, कुछ मोहब्बत रही कुछ इबादत सी हो गई..

उनसें मिलनें के बाद अब ये जिंदगी उनकी अमानत हो गई..!


देखे हुए किसी को,बहुत दिन गुजर गये,
फरियाद कर रही हैं,ये तरसी हुई निगाह…..

हो ही जाता है ये इश्क़.
बहुत कमाल की होती है वो मुहब्बत
जो नहीं चाहते हुए भी हो ही जाती है..❤️

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